होम › पूजा विधि › तुलसी पूजा विधि
🌿

तुलसी पूजा विधि (Tulsi Puja Vidhi)

तुलसी पूजा की दैनिक विधि: जल अर्पण, दीपक, परिक्रमा, मंत्र और नियम, तथा तुलसी के पत्ते कब न तोड़ें।

⏱ लगभग 10 मिनट 🧺 5 सामग्री 🪔 5 चरण

कब करें

  • प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद
  • संध्या में दीपक
  • कार्तिक मास और तुलसी विवाह पर विशेष

पूजा सामग्री चेकलिस्ट

पूजा विधि (चरणबद्ध)

1

स्नान और शुद्धता

स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।

2

जल अर्पण

तुलसी को जल चढ़ाएँ। रविवार और एकादशी को जल देने के बारे में परंपराएँ अलग हैं; अपने परिवार की रीति देखें।

वृन्दायै तुलस्यै नमः॥
3

तिलक और फूल

रोली, अक्षत और फूल अर्पित करें।

4

दीपक

संध्या में तुलसी के पास घी का दीपक जलाएँ।

5

परिक्रमा और प्रार्थना

तीन या सात परिक्रमा करें और प्रार्थना बोलें।

महाप्रसाद जननी सर्वसौभाग्यवर्धिनी। आधिव्याधिहरा नित्यं तुलसि त्वां नमोऽस्तु ते॥

मंत्र

तुलसी नमन
वृन्दायै तुलस्यै नमः॥
प्रार्थना
महाप्रसाद जननी सर्वसौभाग्यवर्धिनी। आधिव्याधिहरा नित्यं तुलसि त्वां नमोऽस्तु ते॥

✔ क्या करें

  • रोज़ पानी दें और सूखे पत्ते हटाएँ
  • पौधे को साफ़ और स्वस्थ रखें
  • संध्या में दीपक जलाएँ
  • पत्ता तोड़ने से पहले क्षमा प्रार्थना करें

✘ क्या न करें

  • रविवार और एकादशी को पत्ते न तोड़ें (परंपरा)
  • रात में पत्ते न तोड़ें (परंपरा)
  • अशुद्ध हाथों से न छुएँ
  • तुलसी के आसपास गंदगी न रखें

आम गलतियाँ

  • पौधा सूख जाने पर फेंक देना; श्रद्धा से बहते जल में विसर्जित करें
  • पत्ते नाखून से तोड़ना; हाथ से धीरे से तोड़ें

शुभ मुहूर्त

दैनिक पूजा के लिए विशेष मुहूर्त नहीं। कार्तिक मास और देवउठनी एकादशी के बाद तुलसी विवाह की तिथि पंचांग से देखें।

आज का पंचांग देखें →   त्योहार कैलेंडर →

संबंधित आरती, कथा और मंत्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुलसी में जल कब चढ़ाएँ?
सुबह स्नान के बाद। दोपहर या रात में जल देने से बचने की परंपरा है।
घर में तुलसी किस दिशा में रखें?
आँगन या खिड़की के पास, उत्तर या पूर्व दिशा में, जहाँ धूप आती हो।
तुलसी के पत्ते कब न तोड़ें?
परंपरा में रविवार, एकादशी और रात में।
तुलसी का पौधा सूख जाए तो?
उसे श्रद्धा से बहते जल या पेड़ के नीचे विसर्जित कर नया पौधा लगाएँ।
क्या तुलसी भगवान को चढ़ाते हैं?
हाँ, विष्णु और कृष्ण को चढ़ाई जाती है। गणेश जी को नहीं चढ़ती।

अन्य पूजा विधियाँ

नोट: पूजा की विधियाँ परिवार, क्षेत्र और संप्रदाय के अनुसार बदलती हैं। यहाँ दी गई विधि एक सरल, सामान्य रूप है। अपने कुल की परंपरा या पंडित जी के मार्गदर्शन को प्राथमिकता दें।