📿 दिव्य वाणी
आज की दिव्य वाणी
दान करने से धन घटता नहीं, बढ़ता है।
Giving does not diminish wealth — it increases it.
अर्थ
उदारता से दिया गया धन कभी व्यर्थ नहीं जाता — यह कई गुना होकर लौटता है।
पिछली दिव्य वाणियां
Bhagavad Gita
आत्मा अजर है, अमर है — यह शरीर नष्ट होता है, आत्मा नहीं।
Chanakya
जब तक जीवन है, तब तक सीखते रहो।
Hindi Proverb
जो सहता है वो रहता है।
Chanakya
संतोष सबसे बड़ा धन है।
Kabir Das
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय। जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।
Ravidas Ji
मन चंगा तो कठौती में गंगा।
Swami Vivekananda
उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।
Bhagavad Gita
योगः कर्मसु कौशलम्।
Swami Vivekananda
जीवन में कठिनाइयाँ आती हैं तो यह समझो कि ईश्वर तुम्हें और मजबूत बना रहा है।
Manusmriti
यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।