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विश्वकर्मा पूजा विधि (Vishwakarma Puja Vidhi)

विश्वकर्मा पूजा की विधि: कारखानों, दुकानों और घर में औज़ार-मशीन पूजन, सामग्री, मंत्र, सुरक्षा बातें और भोग।

⏱ लगभग 30–45 मिनट 🧺 15 सामग्री 🪔 12 चरण

कब करें

  • कन्या संक्रांति के आसपास, सामान्यतः सितंबर में
  • कार्यस्थल, कारखाना, दुकान या घर पर

पूजा सामग्री चेकलिस्ट

पूजा विधि (चरणबद्ध)

1

स्नान और शुद्धि

स्नान करके स्वच्छ, यथासंभव धुले हुए वस्त्र पहनें। मन शांत रखें और मोबाइल दूर रख दें।

2

स्थान तैयार करें

पूजा स्थल को साफ़ करें। पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा श्रेष्ठ मानी जाती है। चौकी पर स्वच्छ वस्त्र बिछाएँ और मूर्ति या चित्र स्थापित करें।

3

दीप और आचमन

दीपक और धूप जलाएँ। दाएँ हाथ में जल लेकर तीन बार आचमन करें।

ॐ केशवाय नमः। ॐ नारायणाय नमः। ॐ माधवाय नमः।
4

संकल्प

हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर अपना नाम, गोत्र (यदि ज्ञात हो) और पूजा का उद्देश्य मन में बोलें, फिर जल भूमि पर छोड़ दें। सरल भाषा में संकल्प भी मान्य है।

5

गणेश वंदना

किसी भी पूजा से पहले गणेश जी का स्मरण परंपरा में शुभ माना गया है।

वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
6

औज़ार और मशीन की सफाई

पूजा से पहले औज़ारों और मशीन को साफ़ करें। मशीन बंद रखें, बिजली का स्विच ऑफ़ कर दें।

7

विश्वकर्मा जी की स्थापना

चौकी पर चित्र रखकर तिलक, फूल और कलावा अर्पित करें।

ॐ विश्वकर्मणे नमः॥
8

औज़ारों का पूजन

औज़ारों और मशीन पर तिलक लगाएँ, फूल चढ़ाएँ और कलावा बाँधें।

9

भोग और प्रसाद

फल और मिठाई का भोग लगाएँ, सबको प्रसाद बाँटें।

10

आरती

घी के दीपक से आरती करें। परिवार के सभी सदस्य साथ खड़े हों और अंत में आरती लें।

11

क्षमा प्रार्थना

पूजा में जो भी भूल हुई हो, उसके लिए विनम्रता से क्षमा माँगें।

आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्। पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर॥
12

प्रसाद और समापन

प्रसाद सबमें बाँटें और स्वयं भी ग्रहण करें। बड़ों से आशीर्वाद लें। फूल आदि पूजा सामग्री बहते जल में या पेड़ के नीचे विसर्जित करें, कचरे में न डालें।

मंत्र

विश्वकर्मा
ॐ विश्वकर्मणे नमः॥
ऋग्वेद का स्मरण
विश्वतश्चक्षुरुत विश्वतोमुखो विश्वतोबाहुरुत विश्वतस्पात्॥

✔ क्या करें

  • पूजा से पहले स्नान और स्वच्छ वस्त्र
  • शांत मन और श्रद्धा से बैठें
  • भोग साफ़-सुथरा और घर में बना हुआ रखें
  • पूजा के बाद प्रसाद सबमें बाँटें
  • पूजा के बाद औज़ारों को आराम करने दें
  • सुरक्षा नियम दोहराएँ

✘ क्या न करें

  • पूजा के बीच में फोन या बातचीत में न उलझें
  • क्रोध, निंदा और कटु वाणी से बचें
  • बासी या अशुद्ध फूल-भोग न चढ़ाएँ
  • मूर्ति या चित्र को सीधे ज़मीन पर न रखें
  • पूजा के दिन मशीन चलाने से बचें (परंपरा)
  • बिजली के उपकरण गीले हाथों से न छुएँ

आम गलतियाँ

  • चालू मशीन पर फूल या तिलक लगाना
  • कर्मचारियों की सुरक्षा की अनदेखी

शुभ मुहूर्त

कन्या संक्रांति का समय पंचांग में देखें। तिथि वर्ष के अनुसार बदलती है।

आज का पंचांग देखें →   त्योहार कैलेंडर →

संबंधित आरती, कथा और मंत्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्वकर्मा पूजा किसकी होती है?
भगवान विश्वकर्मा की, जिन्हें सृष्टि के शिल्पी और निर्माण के देवता माना जाता है।
घर पर कैसे मनाएँ?
वाहन, औज़ार या उपकरणों को साफ़ करके तिलक लगाएँ और प्रार्थना करें।
क्या पूजा के दिन काम बंद रखते हैं?
परंपरा में मशीनों को विश्राम दिया जाता है।
विश्वकर्मा पूजा में क्या भोग लगाएँ?
फल, मिठाई और पंचामृत।
किन व्यवसायों में यह पूजा होती है?
इंजीनियरिंग, निर्माण, कारखाने, कारीगर, दुकान और परिवहन में।

अन्य पूजा विधियाँ

नोट: पूजा की विधियाँ परिवार, क्षेत्र और संप्रदाय के अनुसार बदलती हैं। यहाँ दी गई विधि एक सरल, सामान्य रूप है। अपने कुल की परंपरा या पंडित जी के मार्गदर्शन को प्राथमिकता दें।