📅 आगामी तिथियाँ (Upcoming dates)
29 अक्टूबर 2026, बृहस्पतिवार
· करवा चौथ
6 दिन बाद
18 अक्टूबर 2027, सोमवार
· करवा चौथ
360 दिन बाद
सटीक मुहूर्त आपके शहर के अनुसार बदलता है, आज का पंचांग देखें।
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करवा चौथ का महत्व
कब मनाया जाता है
पूजा सामग्री सूची
व्रत और पूजन विधि
कथा संक्षेप
आवश्यक बातें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
करवा चौथ का महत्व (Why Karva Chauth is celebrated)
करवा चौथ कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। इस दिन विवाहित स्त्रियाँ अपने पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से व्रत रखती हैं। "करवा" का अर्थ मिट्टी या धातु का जलपात्र है और "चौथ" का अर्थ चतुर्थी। यह पर्व उत्तर भारत, विशेषकर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में बड़े उत्साह से मनाया जाता है।
इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती, श्रीगणेश और चंद्र देव की पूजा की जाती है। यह व्रत प्रेम, विश्वास और आपसी साथ का प्रतीक माना जाता है।
कब मनाया जाता है (When it falls)
करवा चौथ कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को आता है, जो दीपावली से कुछ दिन पहले पड़ता है। व्रत सूर्योदय से चंद्रोदय तक रखा जाता है, इसलिए चंद्रोदय का समय सबसे महत्वपूर्ण है। ऊपर दी गई कैलेंडर तारीख देखें और अपने शहर के चंद्रोदय तथा पूजा मुहूर्त के लिए पंचांग देखें।
पूजा सामग्री सूची (Samagri checklist)
• करवा (मिट्टी या धातु का) ढक्कन सहित, जल, छलनी
• भगवान शिव, माता पार्वती, श्रीगणेश और कार्तिकेय का चित्र या मूर्ति, चौकी
• रोली, चंदन, अक्षत, हल्दी, सिंदूर, फूल
• सुहाग सामग्री: चूड़ी, बिंदी, मेहँदी, महावर और श्रृंगार का सामान
• धूप, दीप, कपूर, घी
• मिठाई, फल, मठरी, मेवे और सरगी का सामान
• करवा चौथ की कथा की पुस्तक
व्रत और पूजन विधि (Puja vidhi)
१. सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करें। परंपरा में सरगी सास द्वारा दी जाती है।
२. स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें और दिन भर व्रत रखें। व्रत का स्वरूप परिवार की परंपरा और अपने स्वास्थ्य के अनुसार तय करें।
३. संध्या को सोलह श्रृंगार करें और पूजा स्थल को सजाएँ।
४. चौकी पर शिव परिवार की स्थापना करें, करवे में जल भरें और रोली-अक्षत से पूजन करें।
५. सभी स्त्रियाँ साथ बैठकर करवा चौथ की कथा सुनें और करवे का आदान-प्रदान करें।
६. चंद्रोदय होने पर छलनी से चंद्रमा को देखें, फिर उसी छलनी से पति का मुख देखें।
७. चंद्रमा को अर्घ्य दें और पति के हाथ से जल पीकर तथा मिठाई खाकर व्रत खोलें।
कथा संक्षेप (The story behind the fast)
प्रचलित कथाओं में सबसे प्रसिद्ध वीरवती की कथा है। सात भाइयों की इकलौती बहन वीरवती ने पहली बार करवा चौथ का व्रत रखा। भूख-प्यास से व्याकुल देखकर भाइयों ने छल से दीपक की रोशनी को चंद्रमा बताकर उसका व्रत तुड़वा दिया। इसके बाद उसके पति के प्राणों पर संकट आ गया। वीरवती ने पश्चाताप के साथ पूरे नियम से व्रत किया और उसके पति स्वस्थ हो गए। इस कथा के कई रूप अलग-अलग क्षेत्रों में प्रचलित हैं। पूरी कथा के लिए नीचे दिया गया कथा पृष्ठ पढ़ें।
आवश्यक बातें (Good to know)
• गर्भवती, अस्वस्थ या वृद्ध महिलाएँ व्रत का स्वरूप अपने स्वास्थ्य और चिकित्सक की सलाह के अनुसार रखें। श्रद्धा और संकल्प ही व्रत का मूल है।
• आज कई परिवारों में पति भी पत्नी के साथ व्रत रखते हैं।
• कई क्षेत्रों में अविवाहित कन्याएँ भी भावी जीवनसाथी की कामना से व्रत रखती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1करवा चौथ 2026 में कब है?
करवा चौथ 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा। सटीक पूजा मुहूर्त आपके शहर के अनुसार बदलता है, इसलिए अपने शहर का पंचांग देखें।
2करवा चौथ का व्रत कब खोला जाता है?
व्रत चंद्रोदय के बाद खोला जाता है। चंद्रमा को अर्घ्य देकर और पति के हाथ से जल ग्रहण करके व्रत पूरा किया जाता है। चंद्रोदय का समय शहर के अनुसार बदलता है, इसलिए अपने शहर का समय पंचांग में देखें।
3करवा चौथ की पूजा किन देवताओं की होती है?
इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती, श्रीगणेश, भगवान कार्तिकेय और चंद्र देव की पूजा की जाती है।
4सरगी क्या होती है?
सरगी वह भोजन है जो सूर्योदय से पहले व्रत शुरू करने से पहले खाया जाता है। परंपरा में सास अपनी बहू को सरगी देती है, जिसमें फल, मिठाई, मेवे और श्रृंगार का सामान होता है।
5चंद्रमा को छलनी से क्यों देखा जाता है?
यह एक पारंपरिक रीति है। पहले छलनी से चंद्रमा के दर्शन किए जाते हैं और फिर उसी छलनी से पति का मुख देखा जाता है। इसके पीछे दृष्टि को शुद्ध करने और संबंध की मंगलकामना की मान्यता है।
6करवा चौथ पर क्या करें और क्या न करें?
करें: सूर्योदय से पहले सरगी, संध्या को सोलह श्रृंगार, कथा सुनना, और चंद्र दर्शन तथा अर्घ्य के बाद ही व्रत खोलना।
न करें: क्रोध और कलह से बचें। कई परिवारों में व्रत के दिन कैंची-चाकू के प्रयोग और सिलाई से बचने की परंपरा है, जो क्षेत्र के अनुसार भिन्न है।
7करवा चौथ की पूजा थाली में क्या-क्या रखें?
करवा, छलनी, दीपक, रोली, चावल, सिंदूर, मिठाई, फल और जल रखा जाता है। पूरी सूची के लिए इस पृष्ठ की पूजा सामग्री सूची देखें।
8करवा चौथ की कौन सी कथा सुनी जाती है?
वीरवती की कथा सबसे प्रचलित है। कुछ क्षेत्रों में करवा नामक पतिव्रता स्त्री की कथा भी सुनी जाती है। पूरी कथा पढ़ने के लिए इस पृष्ठ पर दिया गया कथा लिंक देखें।
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अन्य त्योहार गाइड
परंपराएँ क्षेत्र और परिवार के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। पूजा-विधि के लिए अपने पंडित या कुल-परंपरा की सलाह लें।