📖 व्रत कथा
वरुथिनी एकादशी व्रत कथा

वरुथिनी एकादशी व्रत कथा

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पारंपरिक कथा (पुनर्कथन)

भाग १: राजा मांधाता का ध्यान

नर्मदा किनारे वन में राजा मांधाता तप कर रहे थे। तभी एक भालू आकर उनका पैर चबाने लगा, पर राजा ने धैर्य नहीं छोड़ा।

भाग २: विष्णु जी की कृपा

राजा ने भगवान विष्णु का स्मरण किया। कथा के अनुसार भगवान ने सुदर्शन चक्र से भालू को दूर किया।

भाग ३: व्रत का उपदेश

भगवान ने कहा कि वैशाख कृष्ण एकादशी का व्रत करो और वराह रूप का पूजन करो। राजा ने ऐसा किया और स्वस्थ होकर सुखी हुए।

इति वरुथिनी एकादशी व्रत कथा संपूर्ण