📖 व्रत कथा
रविवार व्रत कथा

रविवार व्रत कथा

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पारंपरिक कथा (पुनर्कथन)

भाग १: बुढ़िया और गोबर की लिपाई

कथा है कि एक बुढ़िया हर रविवार गोबर से घर लीपकर सूर्य देव की पूजा और भोजन बनाती थी। पड़ोसन गाय का गोबर देने से जलने लगी।

भाग २: पड़ोसन की जलन

पड़ोसन ने गाय को घर में बाँध लिया जिससे बुढ़िया को गोबर न मिला और वह उस रविवार भूखी रही।

भाग ३: सूर्य देव की कृपा

बुढ़िया ने श्रद्धा से प्रार्थना की। सूर्य देव प्रसन्न हुए और उसके आँगन में एक गाय-बछड़ा प्रकट कर दिया। पड़ोसन को अपनी भूल का एहसास हुआ। तब से रविवार व्रत की परंपरा मानी जाती है।

इति रविवार व्रत कथा संपूर्ण