📖 व्रत कथा
कार्तिक पूर्णिमा कथा

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पारंपरिक कथा (पुनर्कथन)

भाग १: तारकासुर के पुत्र

पुराणों में तारकासुर के तीन पुत्र तारकाक्ष, कमलाक्ष और विद्युन्माली ने ब्रह्मा जी की तपस्या कर तीन अद्भुत नगर (त्रिपुर) प्राप्त किए। वे आकाश में घूमते थे और तीनों एक पंक्ति में आने पर ही नष्ट हो सकते थे।

भाग २: देवताओं की प्रार्थना

त्रिपुर वासियों के अत्याचार से परेशान देवता शिव जी के पास पहुँचे। शिव ने पृथ्वी को रथ, सूर्य-चंद्र को पहिए और मेरु पर्वत को धनुष बनाया।

भाग ३: त्रिपुर दहन

जब तीनों पुर एक पंक्ति में आए तो शिव ने एक बाण से तीनों को जला दिया। देवताओं ने दीप जलाकर उत्सव मनाया। तभी से कार्तिक पूर्णिमा पर दीपदान की परंपरा है।

इति कार्तिक पूर्णिमा कथा संपूर्ण