📅 व्रत कैलेंडर में तिथि देखें · 🎉 त्योहार कैलेंडर
पारंपरिक कथा (पुनर्कथन)
भाग १: तारकासुर के पुत्र
पुराणों में तारकासुर के तीन पुत्र तारकाक्ष, कमलाक्ष और विद्युन्माली ने ब्रह्मा जी की तपस्या कर तीन अद्भुत नगर (त्रिपुर) प्राप्त किए। वे आकाश में घूमते थे और तीनों एक पंक्ति में आने पर ही नष्ट हो सकते थे।
भाग २: देवताओं की प्रार्थना
त्रिपुर वासियों के अत्याचार से परेशान देवता शिव जी के पास पहुँचे। शिव ने पृथ्वी को रथ, सूर्य-चंद्र को पहिए और मेरु पर्वत को धनुष बनाया।
भाग ३: त्रिपुर दहन
जब तीनों पुर एक पंक्ति में आए तो शिव ने एक बाण से तीनों को जला दिया। देवताओं ने दीप जलाकर उत्सव मनाया। तभी से कार्तिक पूर्णिमा पर दीपदान की परंपरा है।
इति कार्तिक पूर्णिमा कथा संपूर्ण
एक नज़र में
• देवता: भगवान शिव, विष्णु
• कब: कार्तिक पूर्णिमा
• उपवास: श्रद्धा अनुसार
• विशेष: गंगा स्नान, दीपदान, देव दीपावली
• मुख्य सीख: बुराई पर विजय और दान-स्नान का महत्व
परिचय और महत्व
कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहते हैं। कथा है कि भगवान शिव ने इसी दिन त्रिपुरासुर का वध किया था।
इस दिन गंगा स्नान, दीपदान और दान का विशेष महत्व माना जाता है। वाराणसी में देव दीपावली मनाई जाती है। सिख परंपरा में यही दिन गुरु नानक देव जी की जयंती का भी है।
कब किया जाता है
• कार्तिक पूर्णिमा को, देवउठनी एकादशी के लगभग चार दिन बाद।
पूजा सामग्री
• गंगा जल या स्नान के लिए जल
• दीपक, घी या तेल, बाती
• फूल, बेलपत्र, अक्षत
• फल, मिठाई, दान की वस्तुएँ
व्रत विधि
1. प्रातः नदी या घर में गंगा जल मिलाकर स्नान करें।
2. शिव और विष्णु का पूजन करें।
3. संध्या में नदी किनारे या घर में दीपदान करें।
4. कथा सुनें और आरती करें।
5. अपनी क्षमता से दान करें।
क्या करें
• दीपदान और दान करें।
• शिव-विष्णु मंत्रों का जप करें।
• जरूरतमंदों की मदद करें।
क्या न करें
• तामसिक भोजन से बचें।
• क्रोध और विवाद से बचें।
• नदी में गंदगी न डालें।
फल (मान्यता)
मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान और दान से पुण्य मिलता है और मन शुद्ध होता है।
मंत्र और आरती
• मंत्र: "ॐ नमः शिवाय", "ॐ नमो नारायणाय"
• शिव आरती: https://divyavani.app/aarti/om-jai-shiv-omkara
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: त्रिपुरारी पूर्णिमा क्यों कहते हैं?
उत्तर: शिव ने इसी दिन त्रिपुरासुर का वध किया था, इसलिए उन्हें त्रिपुरारी कहा गया।
प्रश्न: देव दीपावली क्या है?
उत्तर: वाराणसी में कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा घाटों पर लाखों दीप जलाए जाते हैं, इसे देव दीपावली कहते हैं।
प्रश्न: कार्तिक पूर्णिमा पर क्या दान करें?
उत्तर: अन्न, वस्त्र, दीपक, तिल या गुड़, अपनी क्षमता के अनुसार।
प्रश्न: क्या घर पर स्नान कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, स्नान के जल में थोड़ा गंगाजल मिलाकर श्रद्धा से कर सकते हैं।
प्रश्न: कार्तिक पूर्णिमा और गुरु नानक जयंती?
उत्तर: सिख परंपरा में गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व इसी दिन मनाया जाता है।
सावधानी
उपवास में अपनी सेहत का ध्यान रखें और आवश्यकता हो तो डॉक्टर से परामर्श लें। यह कथा पारंपरिक कथा का पुनर्कथन है। क्षेत्र के अनुसार विधि और कथा के रूप में अंतर मिलता है।