📖 व्रत कथा
हरतालिका तीज व्रत कथा

हरतालिका तीज व्रत कथा

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पारंपरिक कथा (पुनर्कथन)

भाग १: पार्वती का संकल्प

पार्वती जी ने बाल्यकाल से ही शिव को पति रूप में पाने का निश्चय कर लिया था। उन्होंने हिमालय पर कठोर तपस्या की।

भाग २: नारद का प्रस्ताव

पिता हिमालय ने नारद जी के कहने पर विष्णु जी से उनके विवाह की बात तय कर दी। यह सुनकर पार्वती दुखी हुईं।

भाग ३: सखियों का सहयोग

उनकी सखियाँ उन्हें वन की गुफा में ले गईं। वहाँ पार्वती ने रेत का शिवलिंग बनाकर भाद्रपद शुक्ल तृतीया को उपवास और पूजा की।

भाग ४: शिव का वरदान

शिव प्रसन्न हुए और उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया। पिता भी बाद में मान गए। इसी स्मृति में हरतालिका तीज मनाई जाती है।

इति हरतालिका तीज व्रत कथा संपूर्ण