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पारंपरिक कथा (पुनर्कथन)
भाग १: सती का पुनर्जन्म
कथा के अनुसार सती ने पिता के यज्ञ में अपमान से आहत होकर देह त्यागी और अगले जन्म में पार्वती के रूप में हिमालय के घर जन्म लिया।
भाग २: कठोर तप
पार्वती ने शिव को पाने के लिए वर्षों तक कठोर तप किया। उनके तप से प्रसन्न होकर शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया।
भाग ३: सावन की तृतीया
कहा जाता है कि श्रावण शुक्ल तृतीया को शिव-पार्वती का मिलन हुआ। इसी स्मृति में हरियाली तीज मनाई जाती है।
इति हरियाली तीज व्रत कथा संपूर्ण
एक नज़र में
• देवी-देवता: शिव-पार्वती
• कब: श्रावण शुक्ल तृतीया
• उपवास: श्रद्धा अनुसार
• विशेष: झूले, हरी चूड़ियाँ, मेहंदी
• मुख्य सीख: प्रकृति, प्रेम और तप का उत्सव
परिचय और महत्व
हरियाली तीज सावन की हरियाली का उत्सव है। महिलाएँ हरे वस्त्र पहनती हैं, मेहंदी लगाती हैं, झूले झूलती हैं और शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।
परंपरा में इसे शिव-पार्वती के पुनर्मिलन का दिन माना गया है।
कब किया जाता है
• श्रावण शुक्ल तृतीया को, रक्षाबंधन से कुछ दिन पहले।
• तिथि पंचांग से देखें।
पूजा सामग्री
• शिव-पार्वती की मूर्ति या चित्र
• हरे वस्त्र, चूड़ियाँ, मेहंदी
• बेलपत्र, फूल, रोली, अक्षत
• फल, मिठाई (घेवर, मालपुए)
• दीपक, धूप
व्रत विधि
1. सुबह स्नान कर संकल्प लें और हरे वस्त्र पहनें।
2. शिव-पार्वती का पूजन करें, बेलपत्र और फूल चढ़ाएँ।
3. कथा सुनें और आरती करें।
4. झूला झूलें और लोकगीत गाएँ।
5. बड़ों को भेंट दें और आशीर्वाद लें।
6. पारण करें।
क्या करें
• प्रकृति के साथ समय बिताएँ।
• परिवार के साथ उत्सव मनाएँ।
• पौधे लगाएँ।
क्या न करें
• क्रोध और विवाद से बचें।
• प्लास्टिक और कचरा न फैलाएँ।
• झूले पर लापरवाही न करें।
फल (मान्यता)
मान्यता है कि हरियाली तीज से सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की जाती है। यह उत्सव प्रेम और प्रकृति को सम्मान देने का भी पर्व है।
मंत्र और आरती
• मंत्र: "ॐ नमः शिवाय", "ॐ उमायै नमः"
• आरती: https://divyavani.app/aarti/om-jai-shiv-omkara
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: हरियाली तीज कब है?
उत्तर: श्रावण शुक्ल तृतीया को, प्रायः जुलाई-अगस्त में।
प्रश्न: हरियाली तीज पर क्या पहनें?
उत्तर: परंपरा में हरे वस्त्र और हरी चूड़ियाँ शुभ मानी जाती हैं।
प्रश्न: हरियाली तीज और हरतालिका तीज में अंतर?
उत्तर: हरियाली तीज सावन में और हरतालिका तीज भाद्रपद में आती है।
प्रश्न: क्या इसमें व्रत ज़रूरी है?
उत्तर: कई महिलाएँ व्रत रखती हैं, पर यह अनिवार्य नहीं।
प्रश्न: तीज के लोकगीत क्या हैं?
उत्तर: सावन के झूला गीत और लोकगीत क्षेत्रीय परंपरा के हैं।
सावधानी
उपवास में अपनी सेहत का ध्यान रखें और आवश्यकता हो तो डॉक्टर से परामर्श लें। यह कथा पारंपरिक कथा का पुनर्कथन है। क्षेत्र के अनुसार विधि और कथा के रूप में अंतर मिलता है।