📖 व्रत कथा
भाई दूज कथा (यम द्वितीया)

भाई दूज कथा (यम द्वितीया)

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पारंपरिक कथा (पुनर्कथन)

भाग १: यम और यमुना

सूर्यदेव की संतानों में यमराज और यमुना भाई-बहन थे। यमुना अपने भाई से बहुत प्रेम करती थी और बार-बार उन्हें अपने घर आने का निमंत्रण देती थी, पर यमराज कार्य में व्यस्त रहते थे।

भाग २: यमराज का आगमन

एक दिन कार्तिक शुक्ल द्वितीया को यमराज बहन के घर पहुँचे। यमुना ने उनका तिलक किया, आरती उतारी और स्वादिष्ट भोजन कराया।

भाग ३: वरदान

भाई ने प्रसन्न होकर कहा, "जो भाई आज के दिन बहन के घर जाकर तिलक कराएगा और भोजन करेगा, उसे अकाल भय नहीं सताएगा।" तभी से भाई दूज मनाई जाती है।

इति भाई दूज कथा संपूर्ण