📖 व्रत कथा
अपरा एकादशी व्रत कथा

अपरा एकादशी व्रत कथा

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पारंपरिक कथा (पुनर्कथन)

भाग १: राजा महीध्वज

महीध्वज धर्मात्मा राजा थे, पर उनके छोटे भाई वज्रध्वज ने ईर्ष्या में उनकी हत्या करके शव पीपल के नीचे दबा दिया।

भाग २: प्रेत योनि

कथा के अनुसार राजा प्रेत बनकर वहीं भटकने लगे और राहगीरों को परेशान करते थे।

भाग ३: धौम्य ऋषि की कृपा

धौम्य ऋषि ने उन्हें देखा और उपदेश देकर अपरा एकादशी का पुण्य उन्हें अर्पित किया। राजा प्रेत योनि से मुक्त हुए।

इति अपरा एकादशी व्रत कथा संपूर्ण