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अंगूर खट्टे हैं (The Fox and the Grapes)

ऊँचे अंगूर न पा सकने पर बहाना बनाने वाली लोमड़ी की कहानी, जो असफलता को स्वीकारने की सीख देती है।

एक भूखी लोमड़ी जंगल में घूम रही थी। तभी उसकी नज़र एक बेल पर लटके अंगूरों के गुच्छों पर पड़ी। अंगूर रसीले और पके दिख रहे थे।

लोमड़ी ने छलांग लगाई, पर अंगूर बहुत ऊँचे थे। उसने फिर कोशिश की, फिर भी हाथ न आए। कई बार कूदने पर भी जब वह असफल रही तो थककर बैठ गई।

वह इधर-उधर देखने लगी कि कोई उसे देख तो नहीं रहा। फिर मुँह बनाकर बोली, "ये अंगूर तो खट्टे हैं। इन्हें कौन खाए!" और वहाँ से चली गई।

🪔 सीख
अपनी असफलता को दूसरों या चीज़ों पर थोपने के बजाय स्वीकार करें और दुबारा कोशिश करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

"अंगूर खट्टे हैं" मुहावरे का अर्थ क्या है?
जो चीज़ न मिले उसे बुरा बताकर अपने मन को समझाना।
कहानी से क्या सीख मिलती है?
असफलता पर बहाना बनाना नहीं, मेहनत और सुधार करना।
यह कहानी कहाँ की है?
यह ईसप की प्रसिद्ध कहानी है। यहाँ अपने शब्दों में सुनाई गई है।

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