एक घने जंगल में एक शक्तिशाली शेर रहता था। एक दिन वह पेड़ के नीचे आराम कर रहा था कि एक नन्हा चूहा दौड़ते-दौड़ते उसके ऊपर से गुज़र गया।
शेर की नींद टूट गई और उसने गुस्से में चूहे को पंजे में पकड़ लिया। चूहा डर के मारे काँपने लगा और बोला, "महाराज, मुझे छोड़ दीजिए। कभी मौका मिला तो मैं आपकी मदद करूँगा।"
शेर हँस पड़ा, "तू मेरी क्या मदद करेगा?" पर उसने दया करके चूहे को छोड़ दिया।
कुछ दिन बाद शेर एक शिकारी के जाल में फँस गया। उसने दहाड़ मारी, पर जाल की रस्सियाँ मज़बूत थीं। दहाड़ सुनकर वही चूहा दौड़ा आया।
चूहे ने अपने तेज़ दाँतों से रस्सियाँ कुतर दीं और शेर आज़ाद हो गया। शेर ने चूहे को धन्यवाद दिया और समझ गया कि छोटे प्राणी भी बड़े काम आ सकते हैं।