एक किसान के चार पुत्र थे। वे आपस में हमेशा झगड़ते रहते थे। किसान को इसकी बहुत चिंता रहती थी।
एक दिन किसान ने चारों बेटों को बुलाया और लकड़ी की कुछ पतली डंडियाँ मँगवाईं। उसने उन्हें एक रस्सी से बाँधकर गट्ठर बना दिया।
फिर बोला, "तुम में से जो इस गट्ठर को तोड़ देगा, उसे इनाम मिलेगा।" चारों ने बारी-बारी से पूरी ताकत लगाई, पर कोई भी गट्ठर तोड़ नहीं सका।
अब किसान ने गट्ठर खोलकर डंडियाँ अलग-अलग कर दीं और हर बेटे को एक-एक डंडी देकर कहा, "इसे तोड़ो।" सबने उन्हें आसानी से तोड़ दिया।
किसान ने समझाया, "जब तुम सब एक साथ रहोगे तो कोई तुम्हें नुकसान नहीं पहुँचा सकता। पर अलग-अलग होने पर कोई भी तुम्हें हरा सकता है।" बेटों को अपनी भूल समझ में आई और वे मिल-जुलकर रहने लगे।