एक घने पेड़ पर चिड़िया का सुंदर घोंसला था। बारिश के दिन थे। उसी पेड़ के नीचे कुछ बंदर भीगते हुए ठंड से काँप रहे थे।
चिड़िया ने उन्हें देखकर कहा, "भाइयो, तुम्हारे हाथ-पैर हैं, तुम भी अपने लिए छोटा सा घर बना सकते हो। मैं तो छोटी हूँ, फिर भी तिनके जोड़कर घोंसला बना लेती हूँ।"
बंदरों को यह बात चुभ गई। उन्होंने कहा, "यह छोटी सी चिड़िया हमें सिखाएगी!" और गुस्से में पेड़ पर चढ़कर उसका घोंसला नोचकर तोड़ दिया।
चिड़िया का घर बिखर गया और वह दुखी होकर सोचने लगी कि मैंने सलाह किसे दी।