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चार मित्रों की कहानी (Four Friends: Crow, Mouse, Tortoise and Deer)

कौए, चूहे, कछुए और हिरण की मित्रता की कथा, जो बताती है कि सच्चे मित्र संकट में साथ खड़े होते हैं। पंचतंत्र के आधार पर पुनर्कथन।

एक जंगल के तालाब के पास एक कौआ, एक चूहा, एक कछुआ और एक हिरण रहते थे। चारों में गहरी दोस्ती थी। वे रोज़ मिलते, बातें करते और एक-दूसरे का ध्यान रखते।

एक दिन हिरण शिकारी के जाल में फँस गया। उसकी पुकार सुनकर बाकी तीनों मित्र उसकी मदद के लिए दौड़े आए।

चूहे ने अपने तेज़ दाँतों से जाल की रस्सियाँ कुतर दीं और हिरण आज़ाद होकर भाग गया। कौआ पेड़ पर बैठकर पहरा दे रहा था। तभी कछुआ भी धीरे-धीरे मित्रों को ढूँढता हुआ वहाँ पहुँच गया, और शिकारी ने उसे पकड़कर थैले में डाल लिया।

चूहा और कौआ घबरा गए। तब कौए ने तरकीब सोची। हिरण दूर जाकर शिकारी के सामने ऐसे लेट गया जैसे मर गया हो, और कौआ उसके ऊपर बैठकर चोंच मारने का नाटक करने लगा।

शिकारी ने सोचा कि हिरण मर गया है। वह थैला रखकर हिरण को उठाने दौड़ा। उसी पल चूहे ने थैला कुतरकर कछुए को आज़ाद कर दिया और कछुआ तालाब में चला गया। हिरण भी झट से उठकर भाग गया। शिकारी खाली हाथ रह गया और चारों दोस्त सुरक्षित थे।

🪔 सीख
सच्चे मित्र संकट में काम आते हैं। मिलकर सोचने और काम करने से बड़ी मुसीबत भी टल जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह कहानी किस ग्रंथ से है?
पंचतंत्र की मित्र-संप्राप्ति कथाओं के आधार पर, अपने शब्दों में लिखी गई है।
कौन सा मित्र सबसे महत्वपूर्ण था?
सभी का अपना योगदान था। यही कहानी का संदेश है।
बच्चों को क्या सिखाएँ?
मित्रता, सहयोग और संकट में धैर्य।

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