🔱 मंत्र
स्नान मंत्र (गङ्गे च यमुने चैव)

स्नान मंत्र (गङ्गे च यमुने चैव)

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गङ्गे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति।
नर्मदे सिन्धु कावेरि जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥

अर्थ / लाभ
हे गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, सिंधु और कावेरी! इस जल में आप सब पधारें। परंपरा: स्नान और संध्या-पूजा के आरंभ में जल का आवाहन।