🔱 मंत्र
शनि ध्यान श्लोक

शनि ध्यान श्लोक

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नवग्रह स्तोत्र (वेदव्यास)

नीलाञ्जनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्।
छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्॥

अर्थ / लाभ
नीले अंजन जैसी आभा वाले, सूर्यपुत्र, यमराज के बड़े भाई, छाया और सूर्य से उत्पन्न शनैश्चर (शनि) को मैं नमन करता हूँ। परंपरा: शनिवार को शनि की शांति के लिए।