दुर्गा सप्तशती 11.24
सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते।
भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते॥
अर्थ / लाभ
हे सर्वस्वरूपा, सबकी स्वामिनी, सब शक्तियों से संपन्न दुर्गा देवी! हमें सब भयों से बचाइए; आपको नमस्कार। परंपरा: नवरात्रि और भय-निवारण के लिए।
हे सर्वस्वरूपा, सबकी स्वामिनी, सब शक्तियों से संपन्न दुर्गा देवी! हमें सब भयों से बचाइए; आपको नमस्कार। परंपरा: नवरात्रि और भय-निवारण के लिए।