🔱 मंत्र
सर्वमंगल मांगल्ये

सर्वमंगल मांगल्ये

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सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥

अर्थ / लाभ
हे सब मंगलों की मंगलरूपा, कल्याणकारिणी, सब प्रयोजनों को सिद्ध करने वाली, शरण देने वाली, तीन नेत्रों वाली गौरी नारायणी देवी, आपको नमस्कार है। (दुर्गा सप्तशती)