🔱 मंत्र
प्रभात नवग्रह श्लोक

प्रभात नवग्रह श्लोक

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ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्रः शनिराहुकेतवः कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम्॥

अर्थ / लाभ
ब्रह्मा, विष्णु, शिव, सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु, ये सब मेरे प्रभात को शुभ करें। परंपरा: प्रातःकाल स्मरण।