🔱 मंत्र
मंगल ध्यान श्लोक

मंगल ध्यान श्लोक

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नवग्रह स्तोत्र (वेदव्यास)

धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्।
कुमारं शक्तिहस्तं च मङ्गलं प्रणमाम्यहम्॥

अर्थ / लाभ
पृथ्वी के गर्भ से उत्पन्न, बिजली की कांति जैसी प्रभा वाले, हाथ में शक्ति धारण करने वाले कुमार मंगल को मैं प्रणाम करता हूँ। परंपरा: मंगलवार को मंगल ग्रह की शांति के लिए।