ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद।
श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः॥
अर्थ / लाभ
हे कमल पर विराजमान, कमलालया महालक्ष्मी! प्रसन्न हों, प्रसन्न हों। (श्रीं, ह्रीं लक्ष्मी के बीज हैं।) परंपरा: शुक्रवार को लक्ष्मी पूजन में जप।
हे कमल पर विराजमान, कमलालया महालक्ष्मी! प्रसन्न हों, प्रसन्न हों। (श्रीं, ह्रीं लक्ष्मी के बीज हैं।) परंपरा: शुक्रवार को लक्ष्मी पूजन में जप।