दुर्गा सप्तशती (अर्गला स्तोत्र)
जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥
अर्थ / लाभ
जयंती, मंगला, काली, भद्रकाली, कपालिनी, दुर्गा, क्षमा, शिवा, धात्री, स्वाहा और स्वधा, देवी के इन नामों को नमस्कार। परंपरा: सिद्ध कुंजिका और दुर्गा पाठ के साथ।
जयंती, मंगला, काली, भद्रकाली, कपालिनी, दुर्गा, क्षमा, शिवा, धात्री, स्वाहा और स्वधा, देवी के इन नामों को नमस्कार। परंपरा: सिद्ध कुंजिका और दुर्गा पाठ के साथ।