🔱 मंत्र
गुरु (बृहस्पति) ध्यान श्लोक

गुरु (बृहस्पति) ध्यान श्लोक

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नवग्रह स्तोत्र (वेदव्यास)

देवानां च ऋषीणां च गुरुं काञ्चनसन्निभम्।
बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम्॥

अर्थ / लाभ
देवताओं और ऋषियों के गुरु, स्वर्ण के समान कांति वाले, बुद्धिस्वरूप और तीनों लोकों के स्वामी बृहस्पति को मैं नमन करता हूँ। परंपरा: गुरुवार को गुरु ग्रह की शांति के लिए।