ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि।
तन्नो दन्ती प्रचोदयात्॥
अर्थ / लाभ
हम एकदंत, वक्रतुंड गणेश को जानें और उनका ध्यान करें; वे हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें। परंपरा: संबंधित देवता की उपासना में गायत्री-शैली का मंत्र।
हम एकदंत, वक्रतुंड गणेश को जानें और उनका ध्यान करें; वे हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें। परंपरा: संबंधित देवता की उपासना में गायत्री-शैली का मंत्र।