शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसम्पदा।
शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥
अर्थ / लाभ
जो शुभ, कल्याण, आरोग्य और धन-संपदा देता है और शत्रुभाव की बुद्धि का नाश करता है, उस दीपक की ज्योति को नमस्कार है। परंपरा: संध्या के समय दीप जलाते हुए।
जो शुभ, कल्याण, आरोग्य और धन-संपदा देता है और शत्रुभाव की बुद्धि का नाश करता है, उस दीपक की ज्योति को नमस्कार है। परंपरा: संध्या के समय दीप जलाते हुए।