नवग्रह स्तोत्र (वेदव्यास)
प्रियङ्गुकलिकाश्यामं रूपेणाप्रतिमं बुधम्।
सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम्॥
अर्थ / लाभ
प्रियंगु की कली जैसे श्याम वर्ण वाले, अनुपम रूप वाले, सौम्य और सौम्य गुणों से युक्त बुध को मैं प्रणाम करता हूँ। परंपरा: बुधवार को बुध ग्रह की शांति के लिए।
प्रियंगु की कली जैसे श्याम वर्ण वाले, अनुपम रूप वाले, सौम्य और सौम्य गुणों से युक्त बुध को मैं प्रणाम करता हूँ। परंपरा: बुधवार को बुध ग्रह की शांति के लिए।