🔱 मंत्र
भूमि वंदना मंत्र

भूमि वंदना मंत्र

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समुद्रवसने देवि पर्वतस्तनमण्डले।
विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यं पादस्पर्शं क्षमस्व मे॥

अर्थ / लाभ
हे समुद्र रूपी वस्त्र पहनने वाली, पर्वत रूपी स्तनों वाली, विष्णुपत्नी पृथ्वी देवी! आपको नमस्कार; मेरे पैरों के स्पर्श के लिए मुझे क्षमा करें। परंपरा: सुबह बिस्तर से पैर भूमि पर रखने से पहले।