🕉️ स्तोत्र व पाठ
शिव पंचाक्षर स्तोत्रम्

शिव पंचाक्षर स्तोत्रम्

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आदि शंकराचार्य

नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै न काराय नमः शिवाय॥१॥

मन्दाकिनीसलिलचन्दनचर्चिताय नन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय।
मन्दारमुख्यबहुपुष्पसुपूजिताय तस्मै म काराय नमः शिवाय॥२॥

शिवाय गौरीवदनाब्जबालसूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय।
श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय तस्मै शि काराय नमः शिवाय॥३॥

वसिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्यमुनीन्द्रदेवार्चितशेखराय।
चन्द्रार्कवैश्वानरलोचनाय तस्मै व काराय नमः शिवाय॥४॥

यक्षस्वरूपाय जटाधराय पिनाकहस्ताय सनातनाय।
दिव्याय देवाय दिगम्बराय तस्मै य काराय नमः शिवाय॥५॥

पञ्चाक्षरमिदं पुण्यं यः पठेच्छिवसन्निधौ।
शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते॥६॥

अर्थ / लाभ
आदि शंकराचार्य रचित पाँच श्लोक, जिनमें 'न-म-शि-वा-य' के प्रत्येक अक्षर पर एक श्लोक है और शिव की स्तुति की गई है।